आप निराले शान निराली | Ap Nirale Shan Nirali | آپ نرالے شان نرالی | منقبت غوث اعظم | Manqabat Ghose Aazam

           आप निराले शन निराली


आप निराले शान निराली गौसे आज़म जीलानी
भरदो मेरी झोली खाली गौसे आज़म जीलानी

आपकी माँ ने अपने शिकम में आधा हाफिज़ कर डाला
आपकी माँ भी अल्लाह वाली गौसे आज़म जीलानी

आपके वालिद ने अनजाना सेब जो खाया उसके इवज़
बाग़ कि की बरसों रखवाली गौसे आज़म जीलानी

क़ब्र में जिस दम आपका शैदा खौफ से थर्रा उट्ठा था
आपने आकर लाज बचाली गौसे आज़म जीलानी


                 آپ نرالے شان نرالی




Usman khan

Im usman khan from lakimpur kheri up india

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